Pradeep Soni प्रदीप सोनी

Children Stories

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Pradeep Soni प्रदीप सोनी

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जोड़े मिलाओ

जोड़े मिलाओ

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क्लास में यूनिट टेस्ट चल रहा था होशियार बच्चे अपने शीट नापने में लगे थे और हम जैसे अत्याधिक होशियार ये ताकने में की आखरी आधे घंटे में नक़ल कौन कराएगा।

अपने दौर के यूनिट टेस्ट में कुछ सवाल ऐसे होते थे जिसे केवल नक़ल करने मकसद से बनाये जाते थे। जैसे रिक्त स्थान भरो, जोड़े मिलाओ या मुहावरे बताओ। इनका एकमात्र मकसद होता था 25 के आस पास नंबर वालो को किसी तरह 33 पर लाना।

मित्रों स्कूल काल की सबसे पहली समस्या जब आती है जब आप पहले ही पढ़ाई में लाज़वाब हो ही और आपके आगे पीछे वाले आप से भी ज्यादा कलाकार। क्लास में होती दबी दबी ख़ुसर फुसर के बीच पीछे वाले ने शर्ट खींची।


भाई घातक: जोड़े मिलाओ दिखा दे ??

अपन: पहले का तीसरा

दूसरे का पहला

तीसरे का पांचवा

चौथे का दूसरा

भाई घातक: ठीक अब जल्दी से पांचवे का और बता दे??


ये सुनते ही आँखों के कंचे भाई घातक की तरफ़ हैरानी में घूम गए और ऐसा लगा जैसे किसी ने दिमाग पर रोड रोलर चला दिए हो।


अपन: भाई जो बच गया

भाई घातक: अरे हाँ यार…। अब ख़ाली स्थान भरवा दे।


मित्रों दुनिया में कलाकारों की ना कमी थी ना कमी है ना कभी होगी 


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