STORYMIRROR

Amit Singhal "Aseemit"

Drama Tragedy Inspirational

4  

Amit Singhal "Aseemit"

Drama Tragedy Inspirational

बेईमानी का फल

बेईमानी का फल

1 min
299

केशव एक छोटे से गांव में किराने की दुकान करता था। केशव माता रानी का बहुत बड़ा भक्त था। पूरे दिन माता रानी के नाम की माला जपता रहता था और सुबह शाम पूजा पाठ करता था। 

गांव थोड़ा पिछड़ा हुआ था, इसलिए उसमें केशव की ही एकमात्र दुकान थी, जहां किराने का सामान मिलता था। इसी बात का फ़ायदा केशव उठाया करता था और सामान को ऊंचे दामों में बेचता था। केशव की दुकान से ही सामान लेने की गांव वालों की मजबूरी थी। 

सब गांव वाले केशव की पीठ के पीछे बातें करते थे, कि वैसे तो केशव माता रानी का बड़ा भक्त बनता है, मगर मन में कितनी बेईमानी भरी हुई है।

एक बार केशव की दुकान में आग लग गई। उसकी दुकान का लगभग सारा सामान राख़ हो गया। तब गांव वालों ने ताने मारने शुरू कर दिए। एक गांव वाले ने केशव से कहा,

"बेईमानी से कमाया हुआ धन तो बर्बाद होना ही था। पूरे दिन माता रानी के नाम की माला जपते हो, कभी एक बार अपने मन के विचार बदलकर, ईमानदारी से कमाने का सोचा होता, तो शायद तुम्हें यह दिन न देखना पड़ता।"


Rate this content
Log in

Similar hindi story from Drama