बड़े बच्चे
बड़े बच्चे
अरे..कभी कटहल के कोफ्ते ही बना लिया करो...सुनते ही प्रतिमा उखड़ गयी, ये मां बेटे दोनों ही BP से परेशान हैं और कोफ्तो की फरमाइश हो रही है।
प्रतिमा की शादी को 23 साल हो रहे थे। उसका अपने सास ससुर के साथ शुरू से ही बेहतरीन रिश्ता रहा था। शलभ का सारा समय नौकरी ने ले लिया था। अति व्यस्त पति,सास ससुर और दो बेटे....यही प्रतिमा की दुनिया थी।
मुश्किलें तब शुरू हुई जब 40 पार की प्रतिमा अपने लिए जीने का सोचने लगी। बहुत सारी उम्मीदों के बीच खुद को समय देने से बात कुछ बिगड़ने लगी। बढ़ते बच्चों व बढ़ती उम्र के अभिभावकों के बीच अपनी पहचान ढूंढने को वो व्याकुल होने लगी। अब प्रतिमा की सामाजिक एवं आध्यात्मिक खोज भी बढ़ने लगी थी।
इधर पतिदेव शलभ को भी अब प्रतिमा का समय व साथ चाहिए था, आखिर परिवार का महत्व उन्हें भी महसूस होने लगा था। बच्चों को समझने और समझाने के खेल शुरू हो चुके थे, वो भी उड़ने के लिए पंख तोल रहे थे।
यही से प्रतिमा का अपने बुजुर्गों के साथ का समीकरण बिगड़ना शुरू हो गया। उसके समय नही दे पाने से परिवार के बुजुर्गों की शिकायतें बढ़ने लगी। प्रतिमा जो उन्हें हमेशा उपलब्ध रहती थी अब उसका समय बंटने लगा। घरेलू कामों के साथ बाहर के भी सैकड़ों काम देखने पड़ गये। सासु मां को काम वाली खटकने लगी जिससे रोज़ कि चिकचिक शुरू हो गई..बुजुर्गों को लगने लगा कि प्रतिमा के पंख निकल रहे हैं जिन्हे कतरना उनकी जिम्मेदारी है....प्रतिमा को लगता था कि इतनी सारी जिम्मेदारी के साथ थोड़ी आज़ादी भी उसका हक है। सामंजस्य बिठाने कि कोशिशें जारी थी कि ससुर जी का स्वर्गवास हो गया!
अब सास को सिर्फ प्रतिमा से ही सारी अपेक्षाएं रह गई थी साथ ही उस पर अटूट विश्वास भी था क्योंकि शलभ तो अपनी नौकरी मे देश विदेश घूमने मे व्यस्त थे। उन्हें मां की जरूरते, शौक या दवाइयों का थोड़ा सा भी आभास नहीं था..यहां दोनों ही स्त्री अपनी अपनी असुरक्षा कि भावना से विवश थी, एक को जीवन साथी जाने का दुःख था तो दूसरी उम्र के उस पड़ाव पर थी जहां तन के हारमोनल बदलाव मन का साथ छोड़े जाते थे। सासु मां ने रिश्तेदारों मे दुखड़े सुनाने शुरू कर दिये जिससे लोग मजे लेने लगे। सालों के इंतजार के बाद उन्हें चटपटे किस्से सुनने को मिलने लगे। प्रतिमा समझ नही पा रही थी कि क्या करे..किस से कहे...बेटे भी बडे हो गये, कुछ समझते ही नहीं उल्टा उसे ही बच्चों की तरह समझाते थे, नयी नयी टेक्नोलॉजी सिखाते रहते थे..ऐसे में वो क्या करे अब.....
अरे....प्रतिमा के चेहरे पर मुस्कान तैर गई, उसके बेटे तो बड़े हो गए पर उसे तो बच्चे अच्छे लगते है चलो ...अब एक बड़ी उम्र की बच्ची के साथ समय बिताया जाये। वो झट से यू ट्यूब पर बेक्ड कोफ्ते ढूंढने लगी।
