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Bhawna Kukreti Pandey

Drama

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Bhawna Kukreti Pandey

Drama

ज़रूरी नहीं..

ज़रूरी नहीं..

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जरूरी नहीं दिल भर ही आये।

मंजर खुशी का ठहर ही जाये।


नहीं शिकायत रखते किसी से,

सबने ही शाही सबक सिखाये।


समझ नादां तिफ्ल रही हमारी,

जमाने ने बहुत सयाने दिखाये।


नाहक ग़िला के नम हुई आंखें,

बादल ने सहरा प्यासे दिखाये।


फ़िज़ूल किसी का नाम रखना,

बाज़ार हज़ारों मुखौटे दिखाए।


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