Sangeeta Ashok Kothari
Inspirational
ज़िन्दगी के जाने कितने पहलू अनछुए रह गये,
जानने की कोशिश में ज़िन्दगी जीना ही भूल गये,
लाख चेस्टाओं के बावजूद समझ ना पाये ज़िन्दगी....
ज़िन्दगी आँखों के सामने थी और हम आगे ढूंढ़ रहे थे।
फुर्सत
यादें
हास्य कविता म...
पुस्तक की दास...
धारा
ये महकती ख़ुशब...
ज़बान तले ज़हर
अस्तित्व
कोशिशे कामयाब...
हृदयविहीन मान...
देवालय में बैठा बैठा मैं मन में करता ध्यान। शुभ दिन आया मैं करूँ दीप कौन सा दान। देवालय में बैठा बैठा मैं मन में करता ध्यान। शुभ दिन आया मैं करूँ दीप कौन सा द...
सफलता की एक ऐसी कहानी ये, जिसने बदला नज़रिया। सफलता की एक ऐसी कहानी ये, जिसने बदला नज़रिया।
अमर रहेगी गोरा बादल की कहानी बोल रही मिट्टी राजस्थानी अमर रहेगी गोरा बादल की कहानी बोल रही मिट्टी राजस्थानी
हम सबकी सुनेंगे... लेकिन हमें कोई नहीं.... कोई नहीं सुन सकता। हम सबकी सुनेंगे... लेकिन हमें कोई नहीं.... कोई नहीं सुन सकता।
इंद्रधनुष देखकर मेरे मन में सदा, एक ही ख्याल आता है! इंद्रधनुष देखकर मेरे मन में सदा, एक ही ख्याल आता है!
चलता रहा हूँ, रुका नहीं, गिरा कई बार, झुका नहीं। चलता रहा हूँ, रुका नहीं, गिरा कई बार, झुका नहीं।
पुकार ले कोई जो पीछे से, तो रुक जाएं ये कदम. पुकार ले कोई जो पीछे से, तो रुक जाएं ये कदम.
उसकी फ़ितरत इंसानों से अलग है, वो आख़िरी साँस तक साथ निभाऐगी।हाँ सच ही तो, याद ही तो मेरी जागीर है।.... उसकी फ़ितरत इंसानों से अलग है, वो आख़िरी साँस तक साथ निभाऐगी।हाँ सच ही तो, याद ह...
क्यों डरते है इस हार से हम , ये हार असल में जीना है। क्यों डरते है इस हार से हम , ये हार असल में जीना है।
पूत है कुल का गौरव तो, बेटी है संसार।।30 पूत है कुल का गौरव तो, बेटी है संसार।।30
नफरतें नफरतें दुनिया को बांटती नफरतें नफरतें नफरतें दुनिया को बांटती नफरतें
नारी इस जग की जननी है वन्दन उसको हम करते हैं।। नारी इस जग की जननी है वन्दन उसको हम करते हैं।।
कृष्णा ने की सृष्टि की रचना<br>विनीता से निभाना है हमें<br>सुखी संसार की कल्पना करके<br>ऊंची उड़ान भ... कृष्णा ने की सृष्टि की रचना<br>विनीता से निभाना है हमें<br>सुखी संसार की कल्पना ...
हाँ हम भी होली मनाते हैं.. रिश्तों को रिश्तों से मिलाते हैं.. हाँ हम भी होली मनाते हैं.. रिश्तों को रिश्तों से मिलाते हैं..
खड़क धूपमें किसान अपनी फसलों को काटता है जिससे भारत में कोईभी भारतवासी भूख ना रह सके वह लोगोंको प्रे... खड़क धूपमें किसान अपनी फसलों को काटता है जिससे भारत में कोईभी भारतवासी भूख ना रह...
अहिल्याबाई का सुदृढ़ व्यक्तित्व, उनकी जीवन गाथा। अहिल्याबाई का सुदृढ़ व्यक्तित्व, उनकी जीवन गाथा।
बैर और नफरत की दीवार को, मिलकर मिटटी में मिलाते हैं चलो इस जनवरी, जन जन को जगाते हैं. बैर और नफरत की दीवार को, मिलकर मिटटी में मिलाते हैं चलो इस जनवरी, जन जन को...
ये सूना पड़ा हुआ घर, घर का खाली पड़ा अहाता। ये सूना पड़ा हुआ घर, घर का खाली पड़ा अहाता।
आपकी शक्ति मुक्ति और भक्ति। आपकी शक्ति मुक्ति और भक्ति।
गुरु तुम्हारे शब्दों के पीछे छुपा हुआ मौन है। गुरु वही जिसका मौन भी सिखाए, जिसकी खामोशी में भी एक क... गुरु तुम्हारे शब्दों के पीछे छुपा हुआ मौन है। गुरु वही जिसका मौन भी सिखाए, जिसक...