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भाऊराव महंत

Abstract

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भाऊराव महंत

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युवाओं की फ़ौज तैयार करना है

युवाओं की फ़ौज तैयार करना है

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युवाओं की नई इक फौज को तैयार करना है, 

हृदय उनके नए उत्साह का संचार करना है। 


तरक्की देश की हो इसलिए सबको मिलाकर के, 

परिश्रम रात-दिन सच में, हमें भरमार करना है। 


बुलाना है सभी को पास में जो दूर हैं हमसे, 

सभी को संगठित करके,सपन साकार करना है। 


उखाड़ें पेड़ नफरत के,अमन का बीज बोएँ हम, 

हृदय में प्रेम ही बस प्रेम का आगार करना है। 


कई ऐसे दरिंदे हैं, बुरे सब कार्य करते जो, 

सभी उन कारनामों को हमें बेकार करना है। 


सुरक्षित हो धरा अपनी, सुरक्षित हो गगन अपना, 

वतन के शत्रुओं पर शक्तिशाली वार करना है। 


भरा हो देश की खातिर हृदय में द्वेष जिनके भी, 

उन्हें तो दूर से ही अब नहीं स्वीकार करना है। 


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