STORYMIRROR

भाऊराव महंत

Others

3  

भाऊराव महंत

Others

होली कुंडलिया 01

होली कुंडलिया 01

1 min
277


होली के रंग मे रंगा, यह सारा सँसार।

आओ सभी मिल करके, बांटे अपना प्यार।।

बांटे अपना प्यार, गरीब औ दुःखी जन को।

करलो इतना प्यार, सुखद शांति मिले मन को।।

कहे भाऊ कविराय, भरी हो सबकी झोली।

खुशियों से भरी हो, पर्व रंगों का होली।।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन