युवा हैं तो
युवा हैं तो
युवा हैं तो
उत्साहित रहें
रचनात्मकता से भरे रहें
ऊर्जावान बने रहें लेकिन
यह सिर्फ अपने लिए नहीं
दूसरों के लिए भी
इसकी शुरुआत
घर से ही करें
परिवार में जो
बड़े, बुजुर्ग और आदरणीय हैं
उन्हें समय दें
स्नेह दें
सम्मान दें
मैंने अधिकतर देखा है कि
सांझ की बेला में
उम्र के आखिरी पड़ाव पर
किसी बूढ़े पेड़ को
किसी काम का न जानकर
एक बोझ समझकर
एक अंजान सा
आमतौर पर
ठुकरा दिया जाता है
घर के एक कोने में उसे
स्थानांतरित कर दिया जाता है
यह कदापि न भूले कि
आज की तारीख में
आप जो कुछ हैं
वह उन्हीं की बदौलत हैं
आपको यहां तक
पहुंचाने में उनका
बहुत बड़ा योगदान है
किसी के करे को कभी न भूले
कोई न कर पाने की स्थिति में
हो तो भी उसे
उसकी इस असफलता का
अहसास
बात बात पर न करवाये
घर से बाहर
कदम निकालकर
समाज सेवा का
उत्तरदायित्व
अपने कंधों पर लेकर
लेकिन अपने घर को
घर वालों को
परिवार को
नजरअंदाज करके
समाज सेवा
कोई सेवा नहीं
कोई धर्म नहीं
यह न्यायसंगत नहीं
पहले अपनी शक्ति का
प्रदर्शन घर में करें
अपने घर के अंधेरे को
दूर करें
उसमें रखे प्रत्येक दीपक को
प्रज्वलित करें
तत्पश्चात अपनी शक्तियों और
संसाधनों का उपयोग
और प्रदर्शन
अन्यत्र करें।
