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Aman Barnwal

Inspirational

4  

Aman Barnwal

Inspirational

ये जीवन है

ये जीवन है

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लहरों के शोर शराबों में

खोया सा जो सूना मन है।

किसी कोने में शांत शांत सा

सिमटा हुआ ये जीवन है।


भीड़ भाड़ से अलग थलग सी

ये जो सोच दबा कर रक्खी है।

स्वाद चुने जो सुमन सुमन से

ये मन मानो तो मधुमक्खी है।

फिर करना क्या है इस मोह रस का

ये तो उमर नहीं ये यौवन है।

किसी कोने में बेस्वाद सा

परोसा हुआ ये जीवन है।

 

रौशनी कोई मुझ तक पहुचें जो

मुझे भी रोशन कर जाये।

कोई तो आवाज मिले जो

मुझे जोश से भर जाये।

दौड़ पडूं मैं छोड़ कर बिस्तर

मानो पतझड़ में सावन है।

हर रोज नयी शुरुआत छिपाए

निरंतर जंग ही जीवन है।



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