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Navin Madheshiya

Romance

3.5  

Navin Madheshiya

Romance

ये दूरियां ये खुदगर्जी

ये दूरियां ये खुदगर्जी

1 min
257



दिलों में थी दूरियां पहले भी

अब तो दूर रहने के बहाने मिल गए हैं

थे खुदगर्ज वो पहले भी

अब तो खुदगर्जी के बहाने मिल गए

चाहा था दो लफ्ज़ बात करूँ उनसे

पर उस बेवफा को बेवफाई के तराने मिल गए

कैसा ये 'नवीन' दिन दिखाया खुदा तुमने

वो आयें और मुह घुँमा चले दिए!                  



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