Participate in the 3rd Season of STORYMIRROR SCHOOLS WRITING COMPETITION - the BIGGEST Writing Competition in India for School Students & Teachers and win a 2N/3D holiday trip from Club Mahindra
Participate in the 3rd Season of STORYMIRROR SCHOOLS WRITING COMPETITION - the BIGGEST Writing Competition in India for School Students & Teachers and win a 2N/3D holiday trip from Club Mahindra

Kawaljeet Gill

Inspirational


4.0  

Kawaljeet Gill

Inspirational


ये दौर भी गुजर जाएगा

ये दौर भी गुजर जाएगा

1 min 225 1 min 225

जानते है हम हालात ठीक नहीं है बाहर के

इसलिए घर के अंदर ही क़ैद है हम

बेवजह हम बाहर क्यों सैर सपाटे करे

बाहर की हवाएं तो कातिल हो चुकी है

घर में जो गुजार लेंगे कुछ लम्हे प्यार से

हम क़ैद रह खुश रह कर तो खुद के लिए अच्छा होगा

बाहर का वायरस ना घर पर आएगा

ना ही बीमारी का डर हमको सताएगा हर पल हर घड़ी

जानते है हम ये हवाएं फिर भी कातिल कातिल है

लेकिन कोशिश हमको खुद ही करनी होगी

अपनी सांसो को अपने जीवन को बचाने की

हर एहतियात हम को खुद भी बरतनी होगी

हाथ बार बार धो लो साफ सफाई कर लो

घर में क़ैद होकर जी लो कुछ दिन जान है तो जहां है

जीवन बड़ा अनमोल है इसको संभाल लो

यहां वहां भटक लेना फिर जो जिंदगी रही बाकी

कोशिश करने वालों की हार नहीं होती

ये महामारी भी खत्म हो जाएगी एक रोज नया सवेरा उगेगा

जब इस महामारी का सारी दुनिया में से हो जाएगा खत्म

अब वक्त बुरा है वक्त बदलेगा एक रोज

कुछ पल जो हम जी लेंगे बंदिशों में तो गम नहीं

रूखी सुखी खाकर ही खुश हो लो सब

जब हालात सुधर जाएंगे तो छप्पन भोज सब कर लेना

अब जो मिल जाये उसमें संतुष्ट हो जाओ सब


Rate this content
Log in

More hindi poem from Kawaljeet Gill

Similar hindi poem from Inspirational