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Dr Sushil Sharma

Romance

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Dr Sushil Sharma

Romance

ये चाँद

ये चाँद

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ये जो चाँद है तुमसे जलता है इसलिए चुपचाप रात को निकलता है।

ये चाँद देख कर तुम्हें हाथ मलता है और चुपचाप छत पर टहलता है।

ये चाँद हर दिन देखता है तुम्हें फिर रात भर पिघलता है।

ये चाँद तुम्हें पाने के लिए दिन में सोता है और रात भर चलता है।



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