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तेरे एहसासों के आंगन में सोता हूं ! तकता होता सूरज पल लम्बा तुम ही हो सपना नींद टहलता जहां होता हूं बस तुझे पाता हूं घर हिंदी कविता चैन लोरी धरती शहर महक सन्नाटों समय

Hindi सोता Poems