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Raashi Shah

Inspirational

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Raashi Shah

Inspirational

ये अनोखा बदलाव​!

ये अनोखा बदलाव​!

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प्रकृति का है ये नियम​,

कि बदलाव है आवश्यक,

फिर चाहे वो हो,

प्रत्येक मौसम में पृथक​।

और ऐसे है मेरे भाव​,

जो मेरे भीतर है रह जाते;

हर क्षण बदलकर​, मेरे भीतर​,

बदलाव है ले आते।

और ऐसा है यह बारिश का मौसम​,

जो किसी स्पर्धा में जीतने पर​,

परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त होने पर​,

या किसी भी अन्य चीज़ पर, खुश होने पर​,

मुझे खुशी की बूँदों में,

भिगो देती है।

और ये सर्दी का मौसम​,

जो तब आता है,

जब मैं होती हूँ चिंता में,

या घबरा जाती हूँ मैं।

और फिर आत है गरमी का मौसम​,

मुझे सुकून पहुँचाने,

जब मैं होती हूँ इतनी व्यस्त​,

कि पसीना झलकता है मुँह पे,

और इन म्औसमों के बारे में,

सोचने का अवसर मिलता नहीं।

ऐसे है क​ई अन्य मौसम​,

जो बदलते रहते है प्रतिक्षण​,

क्योंकि किसी एक मौसम या

भाव के साथ जीना कठिन है,

बदलना है इन्हें,

बदलाव तो है ज़रूरी,

जीने के लिए।


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