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Neetu singh Anjali

Tragedy

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Neetu singh Anjali

Tragedy

यारी

यारी

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बना के मीत मन को

दगाबाजी कर गयी।


समर्पण प्राण भी मेरे

दोस्ताना जिन्दगी लुटायी।


वो मुस्कुराकर चल दिये

मेरी वफा पर, कफन ओढ़ाकर।


अब कहँ कान्हा और सुदामा

नही रही वैसी यारी।।




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