STORYMIRROR

AKIB JAVED

Drama

3  

AKIB JAVED

Drama

यादों की बारात होगी- ग़ज़ल

यादों की बारात होगी- ग़ज़ल

1 min
344

तेरी मेरी बात होगी

यादों की बारात होगी


झूमें गाएं साथ सबके

अब नबी की नात होगी

यूँ महक उठेगा तन मन

जब मिलन की बात होगी


मौज़ में है आज वो भी

दाल -रोटी -भात होगी

देखें जब भी हम पिया को

वो सुहानी रात होगी


हाथ सर पे पीर का है

कैसे मेरी मात होगी

थाम लोगे जब कलम को

तुममें भी कुछ बात होगी।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama