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नीलम पारीक

Romance

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नीलम पारीक

Romance

"यादों के चलचित्र"

"यादों के चलचित्र"

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आज

उसी कैफ़े में

उसी टेबल पर

बैठा हूँ

और यादों के अनगिनत अक्स

चित्रपट ज्यों

चलते जा रहे हैं

अनवरत...


यहीं तो हुई थी तुमसे

पहली और फिर

बरसों बाद

आखिरी मुलाक़ात

कुछ वादों और

कुछ कसमों के साथ


न भूलेंगे कभी भी

एक दूजे को

मिलेंगे कभी

कहीं न कहीं..


लेकिन समय के बहाव में

बहते-बहते

निकल गए

इतना दूर..


इतना दूर कि 

मैं हूँ इस पार

समय के

और तुम

जा चुकी हो

उस पार..


मैं आज भी

बिला-नागा

आता हूँ

इसी कैफे में

इंतज़ार में तुम्हारे..


क्या मालूम

कब तुम आवाज़ दो मुझे

क्षितिज से

और ले चलो

मुझे भी

अपने साथ

समय के उस पार


समय के उस पार...



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