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Rahul Saini

Romance Fantasy

4  

Rahul Saini

Romance Fantasy

यादें जो याद नहीं

यादें जो याद नहीं

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वो खुशी नहीं जिंदगी थी मेरी

वो हंसी नहीं दिल्लगी थी मेरी

तुमसे बातें करना साथ चलना

यही सबसे बड़ी खुशी थी मेरी


तुमसे लड़ना, झगड़ना, चिढ़ाना

ये सब बस एक बहाना है

मुझे बस तुमसे बातें करते जाना है

लड़ाई करके फिर तुम्हें मनाना है


तुम्हारी बोरिंग बातें सुननी है

तुमसे ढेरों बातें करनी है

तुम इतनी प्यारी, इतनी सुंदर कैसे हो?

तुम इतनी भोली, इतनी न्यारी कैसे हो?

.............बस बाकी में बयां नहीं कर पा रहा हूं


मैं समझता रहा , तुम्हारे समझने को

पर तुम समझ ना सकी मेरे समझने को

मुझे ना सही पर समझना सीख लो किसी को


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