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Rahul Saini

Romance Fantasy

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Rahul Saini

Romance Fantasy

लौट के आजा ना

लौट के आजा ना

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तेरे जाने के बाद अब तकलीफ है जितनी,

हर दर्द में तेरी यादें छुपी हैं, छोटी-छोटी।

तेरे बिना अब तो सांसें भी भारी लगती हैं,

आँखों में हमेशा सिर्फ तन्हाई की नमी है।


जो तुम थे कभी, वो आज कोई नहीं,

तेरे बिना सारा जहां सुना है, सुनी है।

तुझसे मिला था प्यार का वो खूबसूरत पल,

अब हर घड़ी वह याद बस एक सिला है, दिल में जलता हुआ जल।


तेरे बिना तो हर चीज़ बेरंग सी हो गई,

मेरी जिन्दगी अब तन्हाई की सदी हो गई।

मुझे अब ये समझ में आता है, क्यों होता है प्यार इतना दर्दनाक,

क्योंकि जब वो चला जाता है, तो दिल का हर टुकड़ा टूटता है सख्त।


कभी सोचा नहीं था ये दिन आएंगे,

जहां तुझे खोने के बाद हम खुद खो जाएंगे।

तेरे बिना तो जैसे कुछ भी रह नहीं गया,

अब सिर्फ तेरे यादों का ही है एक भुतिया साया।


तेरी यादों में, मैं खोता चला जाता हूँ,

हर पल, हर लम्हा, बस तेरे बिना रूलाता हूँ।



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