Buy Books worth Rs 500/- & Get 1 Book Free! Click Here!
Buy Books worth Rs 500/- & Get 1 Book Free! Click Here!

Preeti Sharma "ASEEM"

Classics


4.5  

Preeti Sharma "ASEEM"

Classics


वृद्ध नहीं बुद्ध

वृद्ध नहीं बुद्ध

1 min 13 1 min 13

क्यों हम

वृद्ध अवस्था पर शोक करें।

हमनें जिंदगी की

एक लम्बी लड़ाई लड़ी है।

तो क्या?

अब लड़ना छोड़ दें।


हमनें हकीकतों के

तजुर्बे काटे है।

वृद्ध अवस्था में

नकारात्मक सोच को

सबसे पहले दिमाग से काट दे।

 

दीजिए अपने

हुनर का खजाना।

मत सोचिये !


सहारा कौन होगा

सींचे अपना दायरा।

अपनी बुद्धता से

हर हाथ फिर

शक्ति स्तम्भ होगा।

तब हर वृद्ध

वृद्ध नहीं बुद्ध होगा।


Rate this content
Log in

More hindi poem from Preeti Sharma "ASEEM"

Similar hindi poem from Classics