Sudhirkumarpannalal Pratibha
Horror Tragedy Children
वो
वीर
थे
जो
रणक्षेत्र
में
अपनी
जान
गवाई
हो
महान
लड़ते
वीरगति
को
पाई
तलवार
बरक्षी
भाला
कटार
इनका
गहना
था
धन्य
सच
थे।
प्रेम
सही मायने में...
प्रेम और नफरत
प्रेम को परिभ...
नजरिया
कहानी की परिभ...
जिनकी जोड़ी चंद चकोरी, उनका हर पल स्वर्ग समान।। जिनकी जोड़ी चंद चकोरी, उनका हर पल स्वर्ग समान।।
आवाज़ मुझे देना सखे बोल-पुकारे कोई न हो..। आवाज़ मुझे देना सखे बोल-पुकारे कोई न हो..।
मेरी यह कविता जो हमारे जीवन के अंतर्द्वंद को दर्शाती हैं। मेरी यह कविता जो हमारे जीवन के अंतर्द्वंद को दर्शाती हैं।
प्रिय मीलों की दूरी बेशक है ये क्षितिज मन भाव से बरसे। प्रिय मीलों की दूरी बेशक है ये क्षितिज मन भाव से बरसे।
खामोश ना यूं थोड़ी सी तो बात कीजिये। खामोश ना यूं थोड़ी सी तो बात कीजिये।
अपनों के आगे हाथ फैलता, हर पहर भूख से मरता। अपनों के आगे हाथ फैलता, हर पहर भूख से मरता।
बुलंद हो चुके हौंसले भी, विकास कार्यों में भी होड़ मची। बुलंद हो चुके हौंसले भी, विकास कार्यों में भी होड़ मची।
भगवान हम पर अपनी दया दिखाएँ, कोई भी हमारे बचाव के लिए नहीं है। भगवान हम पर अपनी दया दिखाएँ, कोई भी हमारे बचाव के लिए नहीं है।
निज नेह से निखार कर मेरा श्रृंगार हो जाना। निज नेह से निखार कर मेरा श्रृंगार हो जाना।
देख करके हाव भाव कृष्णा के प्रेम में मुग्ध ग्वाले गोपी महतारी.. देख करके हाव भाव कृष्णा के प्रेम में मुग्ध ग्वाले गोपी महतारी..
चिता में जल कर खाक बनेगा, तब सफर कहीं पूरा होगा। चिता में जल कर खाक बनेगा, तब सफर कहीं पूरा होगा।
दिली राहत है प्रेम इबादत प्रभु चाहत। दिली राहत है प्रेम इबादत प्रभु चाहत।
भूमिका निभा सब चलते, बनते, सीमा, उम्र की जब पूरी हो जाती है। भूमिका निभा सब चलते, बनते, सीमा, उम्र की जब पूरी हो जाती है।
ये मुर्दो का शहर है, यहाँ चुप रहना मुझे चारो पहर है। ये मुर्दो का शहर है, यहाँ चुप रहना मुझे चारो पहर है।
आकांक्षाओं के भ्रम के जाल में फंस पुनः गुलाम हुआ आकांक्षाओं के भ्रम के जाल में फंस पुनः गुलाम हुआ
धर्म बदलने का दबाव जबरन विवाह, और अस्तित्व बचाने की जद्दोजहद। धर्म बदलने का दबाव जबरन विवाह, और अस्तित्व बचाने की जद्दोजहद।
नेह, ममता, शक्ति की मूरत प्रेम की देवी हर स्त्री की सूरत.. नेह, ममता, शक्ति की मूरत प्रेम की देवी हर स्त्री की सूरत..
द्वापर से कलियुग के राजा चितचोर पाया यशोदा के लालन का जनम दिवस आया.. द्वापर से कलियुग के राजा चितचोर पाया यशोदा के लालन का जनम दिवस आया..
तुझे स्व साँसों में बसाया मैंने प्रिये तुमको ही निभाया मैंने प्रिये। तुझे स्व साँसों में बसाया मैंने प्रिये तुमको ही निभाया मैंने प्रिये।
कुछ दरिंदों के विश्वासघात का शिकार हो गए मेरे अपने वीर आज हमसे दूर हो गए। कुछ दरिंदों के विश्वासघात का शिकार हो गए मेरे अपने वीर आज हमसे दूर हो गए।