संविधान पर दोहे
संविधान पर दोहे
1 min
550
भीमराव अम्बेडकर, इसके रचनाकार।।
भारतीयता के निहित, फ़र्ज़ और अधिकार।।
कर्म-स्वतंत्र-समानता, सर्वधर्म समभाव।
नियम-कानूनों का किया,अद्भुत रख-रखाव।।
ये भारत की रूह है, मानवता की जान।
एक सूत्र में बाँधता, स्वदेशी संविधान।।

