वो इतना अच्छा होता है
वो इतना अच्छा होता है
अपनी दोस्ती की कड़ियाँ, कभी मत टूटने देना।
हाथ दोस्त का हाथों से कभी मत छूटने देना !
दोस्ती तो एक नियामत है, उस प्रभु की दी हुई,
दोस्त को तुम बेवजह, कभी मत रूठने देना !
जिंदगी का रुख जरा कुछ, ऐसा मोड़ लीजिये ,
शिकायत छोड़ कर, अपना पन ओढ़ लीजिये !
संबंध, रिश्ते ईश्वर के, तो उपहार हैं अनमोल ,
एक पहला नियम, दोस्ती में स्वार्थ छोड़ दीजिये !
दोस्ती में एहसान कभी, भी जताया नहीं जाता ,
करके भला फिर उसको, ही सुनाया नहीं जाता !
एक व एक मिलकर अक्सर ग्यारह हो जाते हैं ,
इस बात को ऐसे कभी भी भुलाया नहीं जाता !
जो समय पर काम आये, वो दोस्त सच्चा होता है ,
छल कपट से कहीं दूर, वो मन से बच्चा होता है !
बारिश में भी आँख के आँसू वो पहचान लेता है ,
आँच न आने दे दोस्त पर, वह इतना अच्छा होता है !
