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Aprajita 'Ajitesh' Jaggi

Drama

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Aprajita 'Ajitesh' Jaggi

Drama

वो भूत से डरता है

वो भूत से डरता है

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कहने को तो हर इंसान, बहुत कुछ समझता है 

पर अँधेरा होते ही, वो भूत से डरता है। 


सारा दिन दुनिया को, जूते की नोक पर रखता है 

कॉलर ऊँचा कर, कंधे फैला कर चलता है 

रोज महंगी शराब से, गला तर करता है 

पर अँधेरा होते ही, वो भूत से डरता है। 


वैज्ञानिक दृष्टिकोण रखने के, बड़े बड़े दावे करता है 

किसी दूसरे की सोच को, जीरो ही समझता है 

किसी से न डरने के, किस्से ये गढ़ता है 

पर अँधेरा होते ही, वो भूत से डरता है। 


प्रेरणा दायक कहानियां, रोज जो रचता है 

प्यार भरे नग्मों पर, अपना हक़ समझता है 

वही सच लगता है इसे, जो वो खुद कहता है 

पर अँधेरा होते ही, वो भूत से डरता है। 


मैं नहीं डरता भूत से, ये कह कर जो लड़ता है 

वो बस दिखाने के लिए, ये भ्रम पाले रखता है 

बहादुरी के किस्से, सुनाते नहीं थकता है 

पर अँधेरा होते ही, वो भूत से डरता है।


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