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Mukesh Parmar

Abstract Inspirational

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Mukesh Parmar

Abstract Inspirational

वकालत

वकालत

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जब भी कोई मुझे मिलता है

तो में कहता हूँ

सुन लो जरा,


कि मुकदमा चला था,

उनकी अदालत में,

वरना हम भी कसूर ठहराते।


अगर वकालत का हुनर

हम में भी होता तो,

हम भी वकालत ही कर लेते।


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