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Mukesh Parmar

Abstract Inspirational

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Mukesh Parmar

Abstract Inspirational

जिंदगी

जिंदगी

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गनीमत में है ये जिंदगी, 

आबे रूह सलामत रहे,


ये हसीन वादियों में,

उनकी सरिता बहे।


इस हसीन दुनिया में 

उनकी मुस्कुराहट रहे।


बकायदा का, ये कायदा बने, 

वो जहा हो, वहा ख्वाइशे रहे।


एक पल में ये जिदंगी,

रूह की मोहताज बने।


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