विकल्प नहीं
विकल्प नहीं
रास्ते में कितने कांटे, कितने ही अंधियारे,
पर कदम कभी ना रुके, चाहे लाख हों भंवरे।
हार-जीत का खेल है जीवन, ये सच है मानो,
लेकिन खुद से हार जाओ, ऐसा कभी ना जानो।
जो डरे, वो हारे, जो लड़े, वही जीतेगा,
धीरज धरकर जो चले, वही मंज़िल को मिटेगा।
सपनों के पंख फैलाओ, उड़ान हो चाहे ऊँची,
संघर्ष की आग से निकलकर, बनो एक सूरज सच्ची।
कठिनाइयों को गले लगाओ, उनसे मत घबराओ,
जब धैर्य की डोर कसोगे, तो सफलता जरूर पाओ।
हर दर्द में छिपा है सुख, हर आँसू में एक चमक,
बस खुद पर यकीन रखो, और मत सोचो विकल्प।
रात के बाद दिन भी आएगा, ऐसा अडिग भरोसा रखो,
तूफानों से ना हिलो, खुद को अटल एक चट्टान बनाओ।
मंजिलें बुला रही हैं, रुकने का अब नहीं समय,
विकल्प नहीं है ठहरने का, चलना ही अब नियम।
