Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!
Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!

Kajal Manek

Abstract

3  

Kajal Manek

Abstract

वास्ता

वास्ता

1 min
15


अब न किसी से वास्ता,

अब मेरा अलग रास्ता,


न अब न किसी के सामने गिड़गिड़ाना,

अब सिर्फ खुद की खुशी के लिये है जीना,


अब मैं खुद ही खुद को सम्भालती,

न किसी से उम्मीद न यारी न दोस्ती,


अब न होगा किसी से प्यार,

अब बस खुद की मर्ज़ी सुनने का है इंतज़ार,


हाँ अब न है किसी से कोई वास्ता,

अब मैं अकेली और मेरा रास्ता,


यहाँ कोई किसी से रिश्ता नहीं निभाता,

सिर्फ़ अपने बारे में हर कोई सोचता,


हाँ अब न है किसी से कोई वास्ता,

अब मैं अकेली और मेरा रास्ता।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract