STORYMIRROR

Shivam Antapuriya

Drama

3  

Shivam Antapuriya

Drama

उठे जो हाथ हैं

उठे जो हाथ हैं

1 min
208

पुरानी परम्परा को

जिन्दा रखना मेरा

रिवाज़ है

खुशियों का इज़हार

करना होता नेग है


रिश्तों को मजबूत

अगर रखना है

तो लोक रिवाज़ को

जीवित रखना है


किसी की मदद को

उठे जो हाथ हैं

उन्हीं को प्यार से नाम

देते हम व्यवहार हैं।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama