Mihika Maan
Fantasy
उस चाँद से करनी थी बातें
जो हर रात मेरी जानिब सोता
रंग
रंगरेज़
प्रेम एक सत्य
उस चाँद से
मैं तुम्हारे उस प्रेम से संवरना चाहूँगी मैं तुम्हारे उस प्रेम से संवरना चाहूँगी
न जाने क्यों इन रातों ने मुझे किस गहरी नींद ने घेरा रखा है न जाने क्यों इन रातों ने मुझे किस गहरी नींद ने घेरा रखा है
शीशे के सामने बैठकर खुद को शीशे के सामने बैठकर खुद को
तनहाई को मिल के मिटा दो, खो जाएंगे हम तुम वरना तनहाई को मिल के मिटा दो, खो जाएंगे हम तुम वरना
अन्त समय जब आये जीवन में फिर क्यों राम- राम का गाना मुख में आए अन्त समय जब आये जीवन में फिर क्यों राम- राम का गाना मुख में आए
कितनी ही ऊंची भरे उड़ान परिंदा लेकिन कितनी ही ऊंची भरे उड़ान परिंदा लेकिन
अब बात नहीं होती है , अब बात कभी नहीं होगी अब बात नहीं होती है , अब बात कभी नहीं होगी
मैं खो कर इस दुनिया की भीड़ में पूरी कर लूँ वो हर एक हसरत... मैं खो कर इस दुनिया की भीड़ में पूरी कर लूँ वो हर एक हसरत...
जिसको तुम सलामी देते हो सुबह , शाम , दोपहर। जिसको तुम सलामी देते हो सुबह , शाम , दोपहर।
यही मकसद था उनका प्रेम अहिंसा और सदाचार यही मकसद था उनका प्रेम अहिंसा और सदाचार
सराबोर होकर पहले हम से मिलो हमारे हो जाओ। सराबोर होकर पहले हम से मिलो हमारे हो जाओ।
एक में याद है, दूसरे में आस, एक को है तजुर्बा, दूसरे को विश्वास ... एक में याद है, दूसरे में आस, एक को है तजुर्बा, दूसरे को विश्वास ...
इस प्रकार का रिश्ता दो व्यक्तियों के बीच गहरे संबंध और आपसी समझ को दर्शाता है। इस प्रकार का रिश्ता दो व्यक्तियों के बीच गहरे संबंध और आपसी समझ को दर्शाता है...
बुद्धजीवी इंसानों को एक, सिद्धांत समझ आना चाहिए । बुद्धजीवी इंसानों को एक, सिद्धांत समझ आना चाहिए ।
जोगी हो तुम जोग लियो है प्रेम विरह रस तुमरे भाने , जोगी हो तुम जोग लियो है प्रेम विरह रस तुमरे भाने ,
कड़कती धूप देता है पीपल की घनी छांव देता है कड़कती धूप देता है पीपल की घनी छांव देता है
नववर्ष २०२५ का आगमन होगा नववर्ष २०२५ का आगमन होगा
खुशबू उनकी मेरे साँसों में घुलकर बहती रहती थी।। खुशबू उनकी मेरे साँसों में घुलकर बहती रहती थी।।
साथ तुम्हारा है जो अंतिम गीत सुनहरा हो साथ तुम्हारा है जो अंतिम गीत सुनहरा हो
बारिश में भीग कर कड़ी धूप में यूं जल कर भी वो बढ़ जाते हैं बारिश में भीग कर कड़ी धूप में यूं जल कर भी वो बढ़ जाते हैं