उपवन के फूल
उपवन के फूल
ईश्वर का आशीर्वाद
प्रकृति का वरदान,
प्यारे प्यारे फूल
सुगन्ध फैलाते फूल।
पौधों में नवल प्रतान
सुगन्ध का है वितान,
जो है धरा पर फैला
आत्मा को प्रसन्न करता।
सबको एकता सूत्र में बॉंधें
फूलों से सभी प्यार करें,
पौधे बढ़ते हैं ईश कृपा से
खिलते हैं अपने प्रकर्ष से।
सुन्दर सुन्दर फूलों को देख
उत्फुल्ल हृदय हर्षित होता,
जीवन होता फूलों से रस बोर
होता आनन्द मग्न विभोर।
फूलों को निहारने की
कामना है जाग्रत होती
मुस्कानों से भर देते हैं ये
खुद मुरझा जाकर भी।
इनको संभालना है जरूरी
उपवन के कोमल सुमन हैं ये,
जो अरण्य में निर्बाध खिलते हैं
सुषमा फैलाकर स्वतः झर जाते हैं।
