HARSUKH RAIVADERA રાયવડેરા "હસુ"
Drama
जैसे भगवान श्रीकृष्ण ने
उंगली पर पर्वत
उठा कर रखा था !
आज मतदाता
अपनी उंगली से देश की
सरकारों को भी उठा सकते हैं !
में गुलाम हु ...
शायरी
मौन का महत्व
अच्छा वक्त(सम...
बेरहम
दोस्ती
भारत
दिलों का खेल
बच्चों से महं...
वादा
मिट गया वजूद तेरा भी और मेरा भी, गर पता ही था तुझे अंजाम, तो फिर प्यार क्यों किया ? मिट गया वजूद तेरा भी और मेरा भी, गर पता ही था तुझे अंजाम, तो फिर प्यार क्यों ...
हाँ, भय की सूरत, सच्चाई की सूरत जैसी है। हाँ, भय की सूरत, सच्चाई की सूरत जैसी है।
जुबां नहीं कह पाती वो कह देता है आँसू शक्तिशाली होते है ये दिल को घायल कर देता है एक कतर... जुबां नहीं कह पाती वो कह देता है आँसू शक्तिशाली होते है ये दिल को घायल ...
जब उठाई जिम्मेदारी अपने परिवार की तब लगा मुझे की अब मैं बड़ा हो गया हूँ। जब उठाई जिम्मेदारी अपने परिवार की तब लगा मुझे की अब मैं बड़ा हो गया ...
उस पावन धरती के हम पुष्प कमल, उस जननी मातृभूमि को हम भारत माता कहते हैं। उस पावन धरती के हम पुष्प कमल, उस जननी मातृभूमि को हम भारत माता कहते हैं...
सीधा- सादा रहन -सहन खान -पान है, बेटी मेरी निश्चय ही गुणों की खान है। सीधा- सादा रहन -सहन खान -पान है, बेटी मेरी निश्चय ही गुणों की खान है।
जो कहता है करता नहीं और जो करता है कहता नहीं। जो कहता है करता नहीं और जो करता है कहता नहीं।
आंसू नहीं है ये यही तो है सच्ची सहर। आंसू नहीं है ये यही तो है सच्ची सहर।
मतदाताओं को सर्वदा अवगत रहना चाहिए यह स्वाधिकार। मतदाताओं को सर्वदा अवगत रहना चाहिए यह स्वाधिकार।
खाट लगे बिस्तर पर गहरी नींद में सो जाता हूं। खाट लगे बिस्तर पर गहरी नींद में सो जाता हूं।
जी हाँ अब मैं खद्दर परिधान में आप जैसा ही दिखता हूँ। जी हाँ अब मैं खद्दर परिधान में आप जैसा ही दिखता हूँ।
असली हिस्सा यही है तुम्हारा समय रहते जान जाओ। असली हिस्सा यही है तुम्हारा समय रहते जान जाओ।
हम अजनबी हो गए। हम अजनबी हो गए।
विवाह प्रेम से करना है, साथ जीना और साथ मरना है। विवाह प्रेम से करना है, साथ जीना और साथ मरना है।
और युगों युगों तक पढ़ा जाऊँगा। और युगों युगों तक पढ़ा जाऊँगा।
अंजाने में ही तुम लोगों ने मेरी अलग सी दुनिया बना दी। अंजाने में ही तुम लोगों ने मेरी अलग सी दुनिया बना दी।
शरारत कर उनसे डांट खाने की और हमेशा उन पर हक़ जताने की। शरारत कर उनसे डांट खाने की और हमेशा उन पर हक़ जताने की।
अब जनता ने मन्थन करने की ठानी है अपना मत विवेक से देने को भृकुटी तानी है। अब जनता ने मन्थन करने की ठानी है अपना मत विवेक से देने को भृकुटी तानी है।
विदाई के समय माथे पर तुम्हारे प्यार, गिरते हुए मां के आसुओं को। विदाई के समय माथे पर तुम्हारे प्यार, गिरते हुए मां के आसुओं को।
रिश्तों का नहीं मान यहाँ इंसान ही इंसान का दुश्मन जहाँ। रिश्तों का नहीं मान यहाँ इंसान ही इंसान का दुश्मन जहाँ।