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Poonam Kaparwan

Romance

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Poonam Kaparwan

Romance

उल्फत

उल्फत

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क्यूं बंधी हूँ

उस बंधन में

जो था ही नहीं


बंधनमुक्त कर दो

एक बार

आकर

और कह दो कभी 

चाहा ही नहीं


ये उल्फत थी नहीं

बस एक जरूरत थी

जो पूरी हुई ही नहीं।


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