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Ayush Vora

Romance

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Ayush Vora

Romance

मैं एक बार टूट गया था लेकिन मैं खुश रहना चुनता हूं।

मैं एक बार टूट गया था लेकिन मैं खुश रहना चुनता हूं।

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 टूट चूका है दिल मेरा लेकिन अब मैंने अपने आपको समझा लिया है,

तूने जो गम दिया उससे पीछा छुड़ा लिया है; 

क्या खोया क्या पाया मैने इसका पता लगा लिया है,

तुझसे बदला या गम देने की बजाय अपने आप को जगा दिया है,

अब मैने खुश रहने का वादा अपने आप को कर दिया है।


खुश हूं तेरे बिन अब नहीं रहा गम कोई तेरे छोड़ जानें का,

अब तेरे बिन भी चाय पी लेता हूं और तेरे रात के मैसेज के बिना भी अच्छी नींद आती है,

तुझे मैंने अपने जहेन से मिटा दिया है, में अपने साथ खुश हू बहुत;तेरे साथ की जरूरत नहीं है।


कपड़े भी थोड़े अच्छे लेता हूं और तेरे बिन भी अच्छे से तैयार होता हू,

भले नही है तू फिर भी में अपना ध्यान अच्छे से रखता हूं,

तुझसे जुड़ी हर चीज़ हटा दी है अब तेरा ज़िक्र भी मेरे लिए जूर्म के बराबर है और अब सिर्फ अपने परिवार के बारे में सोचता हूं, हा तेरे बिन अब में खुश रहेता हूं,

      

तेरे बिन अब में खुश रहता हूं।


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