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Arvind Saxena

Romance

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Arvind Saxena

Romance

शादी

शादी

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क्या तोहफा दूँ तुझे तेरी शादी में

कुछ तो तेरा भी हिस्सा है मेरी बर्बादी में

जा माफ़ किया तुझे अपना खून मेरे कातिल

जाते जाते देते तो जाओ मेरा दिल


आंखों से आपकी आज अश्क़ क्यों बहे

इस रिश्ते से कोई एक खुश तो रहे

जलता है मेरा दिल तो जलता रहे

मेरी वजह से आप क्यों परेशान रहे


पहले भी तो सितम आपके हमने सहे

आँखों से पल पल अश्क़ मेरे बहे

दिल में फिर भी आप ही आप रहे

आप हैं बेवफा आपसे कौन कहे


खता है मेरी इतनी प्यार आपसे करते रहे

आप ही आप पर सनम मरते रहे

आप ही मेरी मोहब्बत सबसे कहते रहे

जज़बातों में अकेले हम ही बहते रहे


आज छोड़ के आप यूँ जाते रहे

गीत दर्द के होंठों पर यूँ आते रहे

कहता है कोई दीवाना तो कहता रहे

चाहेंगे बस तुझे ही सनम कुछ भी होता रहे


मिल जाना कभी हमको तो ये ध्यान रहे

देखना हमें ऐसे जैसे नहीं पहचान रहे

कभी हो हमारा जिक्र तो आप अनजान रहे

नाम सुनकर भी जैसे हमें नहीं जान रहे


याद करना कभी हमको तो ये ध्यान रहे

होंठों पर कभी ना मेरा नाम रहे

नहीं चाहता में सनम कोई और बेवफा कहे

है ये मेरा हक़ मेरे ही पास रहे


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