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मानव सिंह राणा 'सुओम'

Classics Inspirational

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मानव सिंह राणा 'सुओम'

Classics Inspirational

उड़ान बाकी है।

उड़ान बाकी है।

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बनना तुझे महान बाकी है।

अभी एक नई उड़ान बाकी है।।


शोहरत ना देख जमाने में।

अभी एक नई पहचान बाकी है।।


तीर चला दिए तूने बहुत तो क्या?

अभी एक नई कमान बाकी है।।


परीक्षा दी है बहुत तूने मगर।

अभी एक नई इम्तिहान बाकी है।।


कमजोर समझा है तूने खुद को।

अभी एक नई जान बाकी है।।


'सुओम' तो दीवाना है आदत का।

अभी एक नई पहचान बाकी है।।


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