Participate in the 3rd Season of STORYMIRROR SCHOOLS WRITING COMPETITION - the BIGGEST Writing Competition in India for School Students & Teachers and win a 2N/3D holiday trip from Club Mahindra
Participate in the 3rd Season of STORYMIRROR SCHOOLS WRITING COMPETITION - the BIGGEST Writing Competition in India for School Students & Teachers and win a 2N/3D holiday trip from Club Mahindra

Nitu Arora

Abstract


4.3  

Nitu Arora

Abstract


उदास मन प्रभु रहम कर

उदास मन प्रभु रहम कर

1 min 322 1 min 322

प्रिय डायरी

आज मन हैं बहुत उदास

नहीं सुधर रहे हैं हालात

 सरकार व पुलिस कोशिश कर रही हैं 

पर जनता नही सुधर रही हैं


रह रही हैं बाहर घर से 

जाने क्या नशा चढा हैं सर पे

समझा रही हैं मीडिया इनको

घर से बाहर दावत हैं कोरोना को


हे प्रभु कर दे मेहर

मिटा दे ये कहर 

तू ही कर सकता हैं

आदमी तेरे हाथ का पुतला हैं

भूल चुक माफ कर

हे प्रभु रहमत कर रहमत कर !


Rate this content
Log in

More hindi poem from Nitu Arora

Similar hindi poem from Abstract