तू ही मेरा खयाल
तू ही मेरा खयाल
और जो इस जहां में करते है मुझको प्यार
कठिन बंधन में बांध लो हमें कर न पाए कोई मुझ पे कोई अधिकार।
सबसे अलग है प्रेम तुम्हारा
सबसे अलग है प्रीत की धारा
डूब गए हम तेरे नैनों के सागर में
कभी छोड़ना मत साथ हमारा।
औरों को भूलूं ये तो आसान है
पर नामुमकिन है तेरा भूलना
दिन पर दिन खोते जाते तुझमें
हर सोच में तू ही समाया।
याद तुझे हर पल करूँ,
जो मन में आए सो विचार के करूं
तेरा खयाल न जाता दूर मुझसे
मेरा खयाल अब किसी की बात न करता ।

