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Anuradha Kumari

Abstract Romance Action

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Anuradha Kumari

Abstract Romance Action

तुम बदल गये

तुम बदल गये

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तुम अब वैसे क्यों नहीं रहे , जैसे तुम पहले थे 
कहां गया तुम्हारा वो वादा जो तुमने मुझसे किया था।

मैं तुम्हे पहले ही बताई थी नहीं कर पाओगे तुम प्रेम उम्र भर वाला ।नहीं निभा पाओगे, एक समय के बाद तुम्हारा मन ऊब जायेगा देखो यही हुआ ।

साथ जीने मरने की कसम खाने वाले तुम 
आज कुछ मिनट का समय नहीं दे पाते तुम 


आज तुम्हे मेरी बातों को सुनने में कोई दिलचस्पी नहीं ।
जिसे मेरा आवाज सुने नींद नहीं आता था ,अब कैसे नींद आ जाती है ।



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