STORYMIRROR

Aarti Sirsat

Romance

3  

Aarti Sirsat

Romance

तू दर्द है

तू दर्द है

1 min
449

तू दर्द है,

है तू ही दवा भी...।

तू मेरी खामोशी है,

है तू ही जुबां भी..!!


तू होश है,

है तू ही बेहोशी की वजह भी...!

तू अपना सा है,

है तू ही बेगाना भी..!!


तू सफर है,

है तू ही हमसफर भी...!

तू मीत है,

है तू ही मनमीत भी..!!


तू आईना है,

है तू ही मेरा अक्स भी...!

तू शब्द है,

है तू ही मेरी गज़ल भी..!!


तू राह है,

है तू ही गुमराह भी...!

तू नाम है,

है तू ही बेनाम भी..!!


तू आशा की कोई किरण है,

है तू ही निराशा भी...!

तू कल है,

है तू ही मेरा आज भी..!!



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance