तू दर्द है
तू दर्द है
तू दर्द है,
है तू ही दवा भी...।
तू मेरी खामोशी है,
है तू ही जुबां भी..!!
तू होश है,
है तू ही बेहोशी की वजह भी...!
तू अपना सा है,
है तू ही बेगाना भी..!!
तू सफर है,
है तू ही हमसफर भी...!
तू मीत है,
है तू ही मनमीत भी..!!
तू आईना है,
है तू ही मेरा अक्स भी...!
तू शब्द है,
है तू ही मेरी गज़ल भी..!!
तू राह है,
है तू ही गुमराह भी...!
तू नाम है,
है तू ही बेनाम भी..!!
तू आशा की कोई किरण है,
है तू ही निराशा भी...!
तू कल है,
है तू ही मेरा आज भी..!!

