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सोनी गुप्ता

Abstract

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सोनी गुप्ता

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तुमसे प्यार

तुमसे प्यार

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आप हमें देख जब जब मुस्कुराते हो, 

नेत्रों में हमारी सुंदर स्वप्न सजाते हो, 


प्रेम के सागर में तुम संग गोते लगाए, 

जब हमसे मिले तुम क्यों नजरें चुराये, 


जब तुम आती नजदीक ऐसा लगता है, 

श्वेत चादर सी चूनर तुमने ओढ़ रखी है, 


प्रेम पावन हमारा जब आंखें मिलाते हैं, 

दोपहर की उष्णता में ठंडक हो जाती है, 


सुबह का सूरज भी हमें देख चमकता है, 

अंधेरे में भी दीप प्रेम का हमेशा जलता है, 


तुम्हारी यादों का संसार ही मेरा श्रृंगार है, 

हमारे हृदय की धड़कन में तुम्हारा प्यार है, 



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