तुम्हारी याद आए तो
तुम्हारी याद आए तो
तुम्हारी याद आए तो
बता मैं क्या करूँ यारा
किसी जंगल में खो जाऊं
या पहाड़ों में गुम हो जाऊं
बारिश में तन्हा भीग जाऊं
सूखे में फिर से झुलस जाऊं
राहों से दोस्ती कर लूं मैं
या गुमसुम सा बहक जाऊं
तुम्हारी याद आए तो
बता मैं क्या करूँ यारा
तेरी आंखें में डूब जाऊं
या नदिया संग टहल आऊं
तुम हाथ से वादन कर देना
मैं खुशियां तुझ पे लूटा आऊं
खूबसूरत किसी जोड़े पर
मेरी नजरों को हटा आऊं
तुम्हारी याद आए तो
बता मैं क्या करूँ यारा
कभी किस्मत से लड़ जाऊं
तुम द्वार मेरे संग फिर आना।

