STORYMIRROR

RohiniNalage Pawar

Romance

4  

RohiniNalage Pawar

Romance

तुम्हारे लिए

तुम्हारे लिए

1 min
310

आज तक सिर्फ खुद के लिए

सोचनेवाली मैं

आजकल तुम्हारे लिए

सोच रही हूँ,


खुद के लिए बनाऐ

हुए रूल्स मैं

तुम्हारे लिए तोड़ रही हूँ,


कभी दिल से बैचैन

ना होनेवाली मैं

आजकल तुम्हारे लिए

बेचैन हो रही हूँ,


कोई भी सपना ना

देखनेवाली मैं

आजकल तुम्हारे

सपनों में खो रही हूँ,


दिन-ब-दिन क्यों मैं

तुम्हारे लिए मरती जा रही हूँ,

आखिर बता तो दो


क्या मैं भी तुम्हारे लिए

इतने मायने रखती हूँ।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance