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Ervivek kumar Maurya

Abstract

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Ervivek kumar Maurya

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तुम हो

तुम हो

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पास भी तुम हो, दूर भी तुम हो

प्यास भी तुम हो, नूर भी तुम हो

तुम हो तो, तुमसे है मेरा सारा जहां

इश्क भी तुम हो, अक्स भी तुम हो

पास भी...................


तू मेरा चाँद है, आईना तू मेरा

तू मेरा ख्वाब है, तू ही लम्हा मेरा

मेरे वक़्त में तेरे पल मिल जायें

साथ भी तुम हो, याद भी तुम हो

पास भी.................


तू ही अपना मेरा, तू ही सपना मेरा

तू ही दाम मेरा, तू ही जाम मेरा

मेरे आगोश में तुम अब आ जाओ

प्रीत भी तुम हो, रीत भी तुम हो

पास भी..........................


गीत भी तुम हो, मीत भी तुम हो

मीर भी तुम हो, हीर भी तुम हो

तुम हो तो, गर लगे सोम सा

जीत भी तुम हो, हार भी तुम हो

पास भी................।


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