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S N Sharma

Romance

4  

S N Sharma

Romance

तुम चली भी आओ ना।

तुम चली भी आओ ना।

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सज गए जीवन के मेले तुम चली भी आओ ना।

भीड़ में हम हैं अकेले तुम चली भी आओ ना।

तेरे रूखसारों के सजदे करते रहे ता उम्र हम।

आंख से आंखें मिला नजरे झुका शरमाओ ना।

झुकी पलके उड़ी अलकें इस जिंदगी के गीत हैं।

पायलों की तुम मधुर झंकार करती आओ ना।

जानता हूं उस तरफ जाकर कोई आता कहां है।

मेरी यादों में रहो हर रंग में तुम बस जाओ ना।

जिंदगी के बाद भी एक जिंदगी होती तो होगी।

आ रहा हूं उस तरफ तुम मुझे मिल जाओ ना।



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