तुम बिन
तुम बिन
वक्त का पहिया जो कभी रुकता नहीं
पता नहीं क्यूँ तुम बिन वक्त कटता नहीं।
वैसे सब कुछ होते हुए, वैसा लगता नहीं
मन समझाता है बहुत, दिल मानता नहीं।
मालूम है कि तुम हो नहीं, पर ऐसा लगता नहीं
अहसास होता है तुम पास हो, वह सच होता नहीं।
तुम्हारी अनुपस्थिति में, कुछ अहसास होता नहीं
क्या कहूँ ऐ प्रियतम, तुम बिन ये दिल लगता नहीं।
कैसे कह दूं कि हमको अब तुमसे अब प्यार नहीं
तुम मानो या नहीं मानो, हमें तुमसे कोई शिकवा नहीं।

