मैंने लेखन के क्षेत्र में अपना कदम रखा है।
नदीयॉं अब सूख गयी हैं, <br>उनकी छाती पर रसूखदारों <br>की <br>जेसीबी कूद रही हैं, <br>वह सिकु़ड़... नदीयॉं अब सूख गयी हैं, <br>उनकी छाती पर रसूखदारों <br>की <br>जेसीबी कूद रह...
हवा का एक झोखा <br> जो हिला सकता है,<br> पेड़ पौधा, धरती, <br> आलीशान भवन, हवा का एक झोखा <br> जो हिला सकता है,<br> पेड़ पौधा, धरती, <br>&nb...
इंसान भी गाड़ी की तरह जीवन के सड़क पर हर रोज दौड लगाता है। इंसान भी गाड़ी की तरह जीवन के सड़क पर हर रोज दौड लगाता है।
हवा का एक झोखा जो हिला सकता है , पेड़ पौधा, धरती, आलीशान भवन, हवा का एक झोखा जो हिला सकता है , पेड़ पौधा, धरती, आलीशान भवन,
बरसात के बाद सफऱ करने निकला रास्ते पर चलते हुए पहाड़ो से मिला वहीँ पहाड़ी जो हरियाली लखदख़ थे पत्थर मिट... बरसात के बाद सफऱ करने निकला रास्ते पर चलते हुए पहाड़ो से मिला वहीँ पहाड़ी जो हरिया...
अंदर से निर्मल जल, बाहर से नारियल सा कठोर होता हैं। अंदर से निर्मल जल, बाहर से नारियल सा कठोर होता हैं।
ऐ दिलरुबा तुम समझती क्यों नहीं मेरे इस दिले जज़्बात को। ऐ दिलरुबा तुम समझती क्यों नहीं मेरे इस दिले जज़्बात को।
फिर चुप क्यों रह जाता हॅूं, मैं इजहार करने से। फिर चुप क्यों रह जाता हॅूं, मैं इजहार करने से।
शांत आबोहवा का वातावरण अब प्रदूषण में बदल गया है। शांत आबोहवा का वातावरण अब प्रदूषण में बदल गया है।
नये कोपलों को बारिश, धूप, शीत, तूफ़ान से बचाता। नये कोपलों को बारिश, धूप, शीत, तूफ़ान से बचाता।