STORYMIRROR

Archana Singh

Romance

3  

Archana Singh

Romance

तुम बिन

तुम बिन

1 min
264

पल-पल थम सी गई जिंदगी तुम बिन, 

गुम हो गई होठों की हंसी भी तुम बिन,

दिल की खो गई हर खुशी भी तुम बिन,

बोझिल सी हो गई यह जिंदगी भी तुम बिन, 

और कोई भी नहीं है जिंदगी में तुम बिन, 

सूना आसमा सूनी यह ज़मीं भी तुम बिन,

सब कुछ तुम ही कुछ भी नहीं तुम बिन, 

यह चांद सितारे यह रंगीन नजारे ,

कुछ भी नहीं भाता अब तुम बिन ,

बहारों के मौसम में 

हर तरफ उदासी का मंजर है तुम बिन, 

तेरी यादों ने हमें बहुत सताया रात दिन 

अब और नहीं जिया जाता तुम बिन।। 


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance