STORYMIRROR

Ervivek kumar Maurya

Romance

4  

Ervivek kumar Maurya

Romance

तुझे प्यार करता हूं मैं

तुझे प्यार करता हूं मैं

1 min
274

वो मुझे चाहता ही नही है

शायद मुझे मानता ही नहीं है

मुझे वो अब देखता नही है

शायद मैं उसको पसंद नही है

वो अभी यही बैठा था

कई बाते की मुझसे

मुझको कहा अपना

कई वादे किए उसने

अब पल भर में तोड़ के

मुस्कुरा के जा रहा है वो

शायद उसको मैं पसंद नही है

वो कहता था चल दूंगा

चाहे जहां कह देगा तू

तेरी हर बात को अपना

कह लूंगा मैं

अब क्या हुआ चुभ गए हैं काटें

या हो गए हो बेवफा

कि तुझको एक कदम 

मेरे संग चला जाता नहीं है

वो शायद मुझे चाहता ही नही है

चल जा मैं जी लूंगा तेरे बिना

अपने सारे गमों को पी लूंगा मैं

दिए दर्द जितने सह लूंगा मैं

तेरी जुदाई में रह लूंगा मैं

पर सुन मेरी जाने वफ़ा 

तुझे प्यार अब भी करता हूं मैं.


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance