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Dhruvee Pujara

Romance

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Dhruvee Pujara

Romance

तुझ बिन मैं अधूरी

तुझ बिन मैं अधूरी

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जैसे आत्मा बिन शरीर अधूरा

वैसे ही तुझ बिन मैं अधूरी

जैसे सागर बिन गंगा अधूरी

वैसे ही तुझ बिन मैं अधूरी

जैसे कृष्ण बिन राधा अधूरी

वैसे ही तुझ बिन मैं अधूरी

जैसे बारिश बिन धरती प्यासी

वैसे ही तुझ बिन मैं प्यासी

जैसे मीरा के तो गिरिधर नागर दूजा ना कोई

वैसे ही मेरा प्यार सिर्फ तुम दूजा ना कोई

जैसे सुर बिन संगीत अधूरा

ताल बिन नृत्य अधूरा

वैसे ही तुझ बिन मैं अधूरी

जैसे पानी बिन मछली न रह पाए

वैसे ही तुझ बिन मैं न रह पाऊ

जैसे पार्वती को शिव, राधा को कृष्ण ,

सीता को राम ,लक्ष्मी को विष्णु प्यारे

वैसे ही लगे मुझे तू प्यारा

जैसे प्यार बिन जिंदगी अधूरी

वैसे ही तुझ बिन मैं अधूरी

तुझ बिन मैं अधूरी

तुझ बिन मैं अधूरी।


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